Saturday, November 28, 2020

साईं बाबा quotes in हिंदी from Mere Sai Serial (dialogues)

साईं बाबा quotes in हिंदी from Mere Sai Serial (dialogues)

शिर्डी के साईं बाबा भारत के एक जाने माने आध्यात्मिक गुरु थे और वह पूरी दुनिया में अपनी सार्थक और अद्भुत शिक्षाओं के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हमेशा श्रद्धा, सबुरी, प्रेम, दया, मदद, भक्ति, शांति और न्याय पर बल दिया और लोगों को इसका पाठ पढ़ाया। साईं बाबा ने हमेशा ही सबको सकारत्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया और उनका पूरा जीवन मानव जाति की भलाई के लिए समर्पित था। उनके द्वारा दी गयी शिक्षा का अनुसरण करके लोग अपना जीवन सार्थक करते हैं। Find here Sai baba quotes in Hindi taken from Mere Sai Serial.

यहाँ पर उल्लेखित साईं बाबा के Quotes मेरे साईं सीरियल के कई एपिसोड्स से लिया गया है। इन्हे पढ़ें, इनका अर्थ समझे और अपनी ज़िन्दगी में इनका अनुसरण करे और अपनी ज़िन्दगी को और बेहतर बनाये।

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sai baba quotes hindi from mere sai serial

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  1. अच्छे कर्म करो, सबकी मदद करो, बिना किसी चीज़ की उम्मीद के, निःस्वार्थ भाव से। कर्मयोग की ये कड़ी अगर ऐसे ही एक इंसान से दूसरे और दूसरे से तीसरे तक जुड़ती गई तो ये दुनिया और भी बेहतरीन हो जाएगी।

  2. समझ और घृणा में बड़ा ही अजीब रिश्ता है। जब तक घृणा रहती है, समझ काम नहीं करता और घृणा के दूर होने के लिए समझ का आना भी बहोत जरूरी है।

  3. जो तुम्हारी कमी है, उसे तुम्हे खुद ही पूरा करना होगा। ये सोच लेने से कि केवल भगवान की पूजा करने से वो तुम्हारी कमियों को पूरा कर देगा, तुम्हारी गलतियों को ठीक कर देगा, ये विश्वास नहीं बल्कि अंधविश्वास है। भगवान तुम्हे शक्ति दे सकता है, समझ दे सकता है, मौका दे सकता है खुद को बदलने का लेकिन इस मौके का फायदा उठाकर खुद को बदलने के लिए मेहनत तुम्हें खुद ही करनी है। तुम्हारा कर्म होगा तो उसका भी कर्म होगा।

  4. कर्मयोग का मार्ग चुनौतियों से भरा है। चुनौतियों से हारते हैं या उन्हें पार करते हैं, यही खेल है जीवन का।

  5. इस दुनिया में कुछ भी हमेशा के लिए स्थायी नहीं रहता। मुश्किलें आती हैं टल जाती हैं, सुख आता है वो भी गुजर जाता है। लेकिन जिस तरह सुख को स्थायी मानकर उसके मोह में पड़ने की भूल नहीं करनी चाहिए, उसी तरह दुःख, मुश्किल, तक़लीफ़ें - इन्हें भी स्थायी मान कर इनसे घबराना नहीं चाहिए।

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  6. भगवान ने दुःख बनाया ही क्यों?

    दुःख वह आइना है जो इंसान को दुनिया का असली चेहरा दिखाता है। सिर्फ दुनिया ही नहीं बल्कि खुद इंसान को भी अपने व्यक्तित्व और अपने असली चरित्र की असली पहचान कराता है दुःख। सुख में धर्म का पालन करना आसान होता है, इंसान की असली परीक्षा तो तब होती है जब वो दुखों से घिरा होता है। जब उसे अपनी मुश्किलों से निकलने के लिए सही और गलत का फैसला करना होता है और उसकी परिस्थितियां, उसके हालात गलत रास्ता चुनने पर मजबूर कर देती हैं, उस समय वो क्या फैसला लेता है इससे पता चलता है कि वो इंसान क्या है। दुखों को परीक्षा समझ कर निभाते जाओ। सब बीतना है, सब बीतता जायेगा।

  7. सीने के सबसे करीब, सबसे कीमती एक ही चीज़ है - दिल। बस उसे संभाल कर रखो, तो संभलना अपने आप आ जाता है।

  8. कर्मफल से कोई भी मुक्त नहीं।

  9. शिर्डी मेरे गुरु का स्थान है, मेरी माँ का घर है और मुझे यहाँ से कोई नहीं निकल सकता।

  10. जितना आवश्यक हो उससे अधिक लेने का मतलब है किसी और कि जरूरत को पूरा होने से रोकना।

  11. धर्म क्या है?

    धर्म वो है जिसके लिए तुम्हारा जन्म हुआ है, जिसके लिए तुम इस दुनिया में आए हो। आग का अपना धर्म है, पानी का भी, जानवरों का अपना धर्म है और इंसान का धर्म ये है कि इस संसार को और बेहतर बनाना। समाज के उद्धार को अपने जीवन का लक्ष्य मानना और उस पर अमल करना।

  12. हमारे मजहब अलग हो सकते हैं, देश अलग हो सकते हैं लेकिन धर्म सिर्फ एक है। ज़िन्दगी में कोई फैसला लेना हो और समझ न आए कि क्या करना है तो इंसानियत के इस धर्म को याद करना। एक दिए कि तरह तुम्हें उस अँधेरे से बाहर आने का रास्ता धर्म जरूर दिखायेगा।

  13. कभी-कभी अमृत को पाने के लिए विष का निकलना भी जरूरी होता है।

  14. सबसे प्यार करो, जरूरतमंद की मदद करो, किसीसे ईर्ष्या न करो बल्कि हर किसी की ख़ुशी में खुश रहना सीखो।

  15. आपके पास जो कुछ भी है उसके लिए भगवान को धन्यवाद करो और सत्कर्म करते रहो।

  16. कई बार इंसान का उद्देश्य सही भी हो पर भय के कारण वो गलत निर्णय ले लेता है। इसलिए भय को कभी भी अपने विवेक पर हावी मत होने दो।

  17. क्रोध हमसे हमारा विवेक छीन लेता है और क्रोध में हम बहुत से अच्छी चीज़े भूल जाते हैं।

  18. चिंता एक भूखे प्राणी की तरह है, उसे जितना खाने दोगे, खाती रहेगी।

  19. अगर इंसान के हाथ में कुछ है तो वो है कर्म करना, इसलिए कर्म करने पर ही ध्यान देना चाहिए फल पर नहीं।

  20. हर समस्या पहले सर्वाधिक जटिल और दूर लग सकती है लेकिन अगर मन में श्रद्धा और सबुरी हो तो हर परेशानी का हल निकल सकता है। बस इतना ध्यान रखना है कि समस्या में हम खो न जाये, हर न माने और विश्वास रखे कि भगवान के घर देर है अंधेर नहीं है।

  21. इंसान इंसान के लिए बुरा सोच सकता है, बुरा कर सकता है लेकिन भगवान का कोई भी संकेत, कोई भी रचना हमेशा भले के लिए ही होती है।

  22. डर और बेचैनी से काम बिगड़ जाता है। धैर्य और आशा में वो शक्ति है जो बिगड़े काम बनाते हैं।

  23. जहाँ तक हो सके हमें गलती होने से रोकनी चाहिए लेकिन जब हमारे लिए कुछ भी कर पाना संभव ना हो, तो हमें परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। ये सोचकर कि जो हो रहा है वो मेरे हाथ में नहीं है तो जरूर ईश्वर के हाथ में होगा। उसमे या तो हमारा भला छिपा होता है या कोई ऐसी सीख जो हमारा आगे का जीवन सुखी कर देती है।

  24. जीवन एक तराज़ू की तरह है, उसमें अगर संतुलन बिगड़ जाये तो अस्थिरता आ जाती है।

  25. संसार की कोई भी मुश्किल भाग जाने से या मुँह मोड़ लेने से हल नहीं होती है।


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