जनम जनम से भटक रही हूँ लिरिक्स हिंदी में - मेरे साईं सीरियल

 जनम जनम से भटक रही हूँ लिरिक्स हिंदी में (मेरे साईं सीरियल)

"मेरे साईं" धारावाहिक साईं बाबा की जीवनी पर आधारित सोनी टीवी पर प्रसारित एक धार्मिक कार्यक्रम है। इस धारावाहिक के गीत / गाने दर्शकों में अत्यधिक लोकप्रिय हैं। उन्ही गीतों में से एक गीत है "जनम जनम से भटक रही हूँ", इसके लिरिक्स नीचे दिए गए हैं।


janam janam se bhatak rhi hu lyrics in hindi

जनम जनम से भटक रही हूँ लिरिक्स


पारस छुए जो लोहखंड, कनक रूप सुहाए।
मेरे साईं छुएं जो पत्थर भी, तो वो पारस कहलाये।

जनम जनम से भटक रही हूँ, राह दिखा दे साईं,
जनम जनम से भटक रही हूँ, राह दिखा दे साईं।
खंडहर भी तेरी चरण धूल से, बनती है द्वारकामाई।
मेरे साईं मेरे साईं मेरे साईं।-२

माया बाजार में नाची यों, खुद को समझ के काया।
अहम् के झूठे गहनों से, हर पल खुद को सजाया।
पर पीछे सारे पर्दो के अंधकार ही पाया।
सुना है केवल पानी से ही तुमने है ज्योति जलाई।
मेरे साईं मेरे साईं मेरे साईं।-२

रोग भव का हर दो साईं, दूर ये सारे भरम करो।
मैं हार गयी हूँ खुद से ही,साईं मुझ पे रहम करो।
ये मैली चुनर धो पाऊं मैं, बस इतना ही करम करो।
ज्ञान का चोला साईं पुराओ तुम ही मेरी कन्हाई।
मेरे साईं मेरे साईं मेरे साईं।-२

तेरे चरणों के अमृत से, कर्म ये कारे धो लूँ मैं।
बैरागन बन इक धुन छेड़ूँ, ले इक तारा डोलू मैं।
मेरे गीतों में अब साईं, तेरा संदेसा बोलूं मैं।
साईं अंतरमन की पुकार, तूने ही आज सुनाई।
मेरे साईं मेरे साईं मेरे साईं।-२

जनम जनम से भटक रही हूँ, राह दिखा दे साईं,
जनम जनम से भटक रही हूँ, राह दिखा दे साईं।
खंडहर भी तेरी चरण धूल से, बनती है द्वारकामाई।
मेरे साईं मेरे साईं मेरे साईं।-५

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